India is changing, so is Kashi-Neelkanth Tiwari

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भारत बदल रहा है, काशी बदल रही है-नीलकंठ तिवारी
रितेश श्रीवास्तव अंशू/क्लीन मीडिया टुडे चीफ रिपोर्टर
वाराणसी, 26 जनवरी:भाषाः सूचना एवं जनसंपर्क तथा विधि राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने आज यहां तिरंगा फहराते हुए कहा कि ‘भारत बदल रहा है, काशी बदल रही है।’

State Minister Neelkanth Tiwari took the RD parade salute at Varanasi

देश के 70 वें गणतंत्र दिवस पर शनिवार को पुलिस लाइन में परेड की सलामी लेने के बाद अपने अभिभाषण में सूचना एवं जनसंपर्क राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने यह बात कही।
Varanasi Commissioner took the salute at Varanasi RD parade at Police line with the state Minister Neelkanth Tiwari

पुलिस लाइन में उत्तर प्रदेश के विधि-न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री डा0 नीलकंठ तिवारी ने देश की आन-बान-शान का प्रतीक
राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के बाद परेड की सलामी ली। इस अवसर पर लोगो को सम्बोधित करते हुए उन्होने देश को स्वावलंबी व विकसीत राष्ट्र बनाने के साथ ही विश्वगुरू एवं सोने की चिड़िया बनाये जाने की दिशा में अपने-अपने कर्तव्यों का योगदान किये जाने की अपील की।

उन्होने कहॉ कि 26 जनवरी, 1950 के ही पावन दिवस को देश की व्यवस्था संचालन के लिये संविधान को लागू किया गया। उस संविधान में सभी वर्ग के लोगो के अधिकारो को संरक्षित करने के लिये विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से व्यवस्थायें दी गयी। चाहे वह गॉवों में रहने वाला किसान हो, शहर में करने वाला नागरिक हो, व्यापारी हो, उद्यमी हो, जवान हो सेना का, पुलिस का, अधिकारी हो, सभी वर्ग के सभी लोगो के लिये अधिकारो का संरक्षण और सबके सुख की परिकल्पना करते हुए वेलफेयर स्टेट की परिकल्पना करते हुए संविधान की रचना की गयी। साथ ही साथ कुछ कर्तव्य का भी उसमें निर्धारण किया गया।
उन्होंने कहा कि चूॅकि हम स्वतन्त्रता के पूर्व लगातार अपने अधिकारों के लिये व अपने अधिकारों के संरक्षण के लिये, भारत भूमि को परतन्त्रता से मुक्ति दिलाने के लड़ाई कर रहे थे इसीलिये स्वतन्त्रता के बाद जो भाव आया, वह भाव भी उसी रूप में परिणीत हो गया।
जो राष्ट्र सत्ता में बैठे थे, जो प्रशासनिक सेवा में बैठे थे, एक गॉव में बैठा किसान हो, मजदूर हो या समाज में रहने वाला जो भी व्यक्ति हो, सबमें केवल एक भाव जागृत हुआ है कि हमारे कुछ अधिकार है और इस अधिकार का किसी न किसी रूप में पूर्ति होना चाहिये। परिणाम हुआ कि हमारे कर्तव्य गौण हो गये और 70 साल के स्वतन्त्रता इतिहास में संविधान रचना के इतिहास में
कर्तव्य को हम लोगो ने गौण कर दिया। लेकिन आज अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य को भी वरण करके हम चल रहे है।
डा0नीलकंठ तिवारी ने कहॉ कि वर्ष 2014 से जनभावना के अनुरूप केन्द्र की सरकार ने कार्य करना प्रारम्भ किया। आज राजसत्ता में बैठे हुए लोग जो स्वतन्त्रता के बाद उनको लगा कि वही गर्वनर है अग्रेजो के जमाने वाला, वही राजसत्ता में बैठे हुए लोग उनको लगता था कि उनका अधिकार है शासन करना। यह भाव समाप्त हुआ है।
धीरे-धीरे। स्वच्छता, सम्प्रदाय विहीन, समप्रभूता सम्पन्न भारत की संकल्पना महात्मा गॉधी का रहा। लेकिन उस भाव से सत्ता में बैठे लोगो ने
कार्य नही किया। जिस कारण व्यवस्था झिन्न हो गया। किन्तु वर्तमान केन्द्र सरकार उसी भाव से काम कर रही है। जिस कारण व्यवस्था बदली है। समाज
आतंकवाद मुक्त हो व आतंकवाद का सर्वनाश हो के भाव एवं कर्तव्यबोध के साथ वर्तमान केन्द्र सरकार ने कार्य किया है।
उन्होने खाद्य सुरक्षा योजना, उज्जवला, सौभाग्य एवं आयुष्मान भारत सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनहित एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहॉ कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसकी मंशा के अनुरूप में शासन की योजनाओं का लाभ पहूॅचाया जा रहा है। गत् दिनों वाराणसी में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम की सफलता पर प्रकाश डालते हुए उसमें अमेरिका से शामिल होने के लिये आये एक प्रवासी भारतीय द्वारा यहॉ की व्यवस्थाओं, पुलिस, स्वच्छता सहित आतिथ्य का किये गये गुणगान का उल्लेख करते हुए मंत्री डा0नीलकंठ तिवारी ने कहॉ कि भारत बदल रहा है, काशी बदल रही है।
मण्डलीय कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के पश्चात् गणतन्त्र दिवस की बधाई देते हुए कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सारगर्भित सम्बोधित किया। उन्होने कहॉ कि देश की आजादी लाखो-करोड़ो देशभक्तों के बलिदान के बाद हमे मिली है। इसे अछूण्ण बनाये रखने की जिम्मेदारी देश के हम सभी नागरिको की है।
भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए कहॉ कि 26 जनवरी 1950 को जब देश में संविधान लागू किया गया और उसमें देश के सभी नागरिक को मताधिकार के प्रयोग का जो अधिकार दिया गया, तो पूरे विश्व को आश्चर्य हुआ था। और यही अधिकार भारत को एक सूत्र में पिरोयें रखने की धुरी एवं मूलमंत्र है। उन्होने अधिकारीध् कर्मचारियों को समय की महत्ता से रूबरू कराते हुए कहॉ कि अपने कर्तव्यों एवं अधिकारों का समयबद्वता के साथ पालन करे तथा आने वाले लोगो को निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ शासन की मंशा के अनुरूप समयबता के साथ प्राथमिकता पर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराये। राष्ट्रीय पर्वो को रस्म अदायगी स्वरूप नही, ब्लकि पूरे उत्साह, उल्लास एवं उमंग के साथ मनाया जाना चाहियें। कमिश्नर ने भारतीय संविधान को राष्ट्र का पवित्र ग्रंथ बताते हुए कहॉ कि विविधता को एकता में समेटे विश्व बन्धुत्व का संदेश देने वाले हमारा संविधान बेमिसाल है।
कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मौके पर उपस्थित अधिकारीध्कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, धर्म-निरपेक्षता और साम्प्रदायिक सद्भाव की भावना को बलवती बनाने पर बल देते हुए कहॉ कि हम सभी को भारतीय होने में गर्व है। उन्होने कहॉ कि असंख्य देशभक्तो ने विदेशी ताकत से काफी जद्दोजहद करके देश को आजादी दिलायी है तथा अपने सत्ता की अनुभूति को प्राप्त किया व स्वयं के तन्त्र को स्थापित किया।
उन्होने बताया कि लोकतन्त्र का वरण इसलिये किया गया कि आम आदमी को भी देश के सर्वोच्च पद के व्यक्ति के समान अधिकार प्राप्त हो। उन्होने जोर देते हुए कहॉ कि निश्चित रूप से आजादी के इन 70 वर्षो में देश ने प्रत्येक क्षेत्र में तरक्की की है और आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। आज के परिवेंश में उन्होने प्रत्येक व्यक्ति को नैतिक मूल्यों एवं सद्गुणों को विकसीत करने की जरूरत बतायी। जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्वता एवं पारदर्शिता के साथ मुहैया कराये जाने के अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित किये जाने हेतु अधिकारीध्कर्मचारियों से अपील की। इस अवसर पर उन्होने स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों का माल्यापर्ण एवं नारियल व शाल भेंट कर स्वागत किया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आहूॅत संविधान सभा में कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, एसएसपी आनन्द कुलकर्णी एवं मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी सहित सभी अधिकारियोंध्कर्मचारियों ने ‘‘भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, धर्म निरपेंक्ष,
लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिये तथा उसके समस्त नागरिको को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिये तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखण्डता सुनिश्चित कराने
वाली बन्धुता बढ़ाने के लिये, दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत अधिनियमित और आत्मार्पित करते है’’ का संकल्प लिया।
इस अवसर पर एनसीसी, स्काउट होमगार्डस एवं नागरिको सुरक्षा के स्वयंसेवकों का सम्मिलित रूट मार्च लोकबंधु राजानारायण पार्क बेनियाबाग से प्रारम्भ होकर नई सड़क, बेनियाबाग, गोदौलिया होते हुए टाउनहाल में सम्पन्न हुआ। नगर के मोहल्लों एवं मलिन बस्तियों तथा समस्त महापुरूषों एवं प्रतिमा स्थलों के आस-पास की सफाई नगर निगम द्वारा कराया गया व नगर में समस्त महापुरूषों के प्रतिमाओं पर नगर निगम द्वारा माल्यापर्ण किया गया।

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