Pravasi Bharatiyas are the strength of India in the world-President

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प्रवासी भारतीय दुनिया में हमारी ताकत हैं -राष्ट्रपति
डा. सुषमा दीक्षित/अरविंद केसरी/रितेश श्रीवास्तव/टीम क्लीन मीडिया टुडे

President Ramnath Kovind at th 15th Pravasi Bharatiya Diwas programme

वाराणसी, 23 जनवरी:क्लीन मीडिया टुडेः राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने कहा कि प्रवासी भारतीय दुनिया में हमारी ताकत हैं। आज उन्हें सम्मानित कर खुद को अभिभूत महसूस कर रहा हूं।
राष्ट्रपति ने आज यहां 15वें प्रवासी भारतीय दिवस के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने अभिभाषण में कहा कि इस बार का आयोजन खास है। इस बार प्रवासी दिवस आयोजन में कुंभ व 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह को भी शामिल किया गया है।
President Ramnath Kovind at th 15th Pravasi Bharatiya Diwas programme

उन्होंने कहा कि प्रवासियों का यह सम्मान अपार संभावनाओं का द्वार खोलने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि भारत इन दिनों व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इस परिवर्तन से भारत के सभी पहलू जुड़े हैं। मैं चाहता हूं कि भारत के नवनिर्माण की कहानी में प्रवासी भारतीयों का भी महत्वपूर्ण किरदार हो। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, सेहत, समाज, खेल, पर्यटन, विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, कृषि अदि सभी क्षेत्र जारी व्यापक परिवर्तन भारत को दुनिया में सुपर पावर के रूप में स्थापित करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रपति ने दुनिया भर में फैले भारतीयों को संदेश दिया कि भविष्य में उनका भारत आना और रहना, भारत के साथ मिलजुल कर काम करना बेहद आसान होने वाला है। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने पारदर्शी कार्ययोजना तैयार की है।
President Ramnath Kovind at th 15th Pravasi Bharatiya Diwas programme

कोविंद ने कहा कि भारत करोड़ों विचारों एवं करोड़ों युक्तियों का देश है। भारत देश में अपार और असीमित संभावनाएं हैं। एक समय ऐसा था जब भारत ब्रेनड्रेन की समस्या से जूझ रहा था। आज वह ब्रेनगेन की स्थिति में आ पहुंचा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि भारत के बाहर अपना मान सम्मान और कद बढ़ाने के लिए आपने जो संघर्ष यात्राएं की हैं, अब उनके परिणाम सामने आने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि मॉरीशस, नॉर्वे, अमेरिका और न्यूजीलैंड आदि कई देशों में भारतीय मूल के लोग शीर्ष पदों पर विराजमान हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि बनारस में प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना अपने आप में इसकी बड़ी विशिष्टता है। सम्मेलन के बहाने न सिर्फ उन्हें दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के दर्शन का अवसर मिला है बल्कि वे दुनिया के सबसे दुर्लभ आयोजन कुंभ का भी हिस्सा बनेंगे।
उन्होंने कहा कि बनारस में सम्मेलन आयोजित कर इसे और खास बना दिया गया है। यहां देखने को बहुत कुछ है तो दूसरी ओर कुम्भ भी अलौकिक है। उम्मीद करता हूं कि आप सभी यहं भ्रमण कर आनंदित होंगे। यह आयोजन ऐसा है जिसके जरिये आप आपनी जड़ों से जुडते हैं और अपनों के बीच होते हैं। भारतवंशियों से अपेक्षा जताते हुए कहा कि नये भारत के निर्माण में आप सभी सहभागी बनें।

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